<p class="wp-block-paragraph">केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। किसान संगठनों ने MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी की मांग पर अड़े रहने की बात कही, जबकि सरकार ने MSP डेटा उपलब्ध कराने और बातचीत जारी रखने का प्रस्ताव रखा। इस मुद्दे पर अब अगली बैठक 19 मार्च को होगी।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>बैठक में क्या हुआ?</strong><br>1. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से वार्ता की।<br>2. सरकार ने किसानों से MSP पर डेटा और फसलों की विस्तृत जानकारी मांगी।<br>3. किसानों ने 23 फसलों पर MSP की गारंटी की मांग दोहराई, लेकिन सरकार 2-3 अतिरिक्त फसलों पर ही विचार करने को तैयार दिखी।<br>4. MSP कानून, लाठीचार्ज, किसानों पर दर्ज केस वापसी और टोल टैक्स छूट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>अगली रणनीति क्या होगी?</strong><br>1. किसान संगठनों ने कहा है कि वे 19 मार्च की बैठक तक इंतजार करेंगे।<br>2. अगर बैठक में कोई ठोस हल नहीं निकलता, तो आंदोलन तेज किया जाएगा।<br>3. किसानों ने दिल्ली कूच की चेतावनी भी दी है।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>आंदोलन के मुख्य मुद्दे</strong><br>1. 23 फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी<br>2. लाठीचार्ज और केस वापसी<br>3. बिजली बिल 2020 रद्द करना<br>4. टोल टैक्स से किसानों को छूट</p>
<p class="wp-block-paragraph">सरकार और किसानों के बीच MSP को लेकर गतिरोध जारी है। हालांकि सरकार ने MSP डेटा की मांग कर अगले दौर की बातचीत का संकेत दिया है, लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि अगर कोई ठोस हल नहीं निकला तो आंदोलन फिर तेज होगा।</p>
केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच चंडीगढ़ में हुई बैठक बिना किसी नतीजे के समाप्त हो गई। किसान संगठनों ने MSP (न्यूनतम समर्थन मूल्य) की गारंटी की मांग पर अड़े रहने की बात कही, जबकि सरकार ने MSP डेटा उपलब्ध कराने और बातचीत जारी रखने का प्रस्ताव रखा। इस मुद्दे पर अब अगली बैठक 19 मार्च को होगी।
बैठक में क्या हुआ? 1. केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा ने किसानों से वार्ता की। 2. सरकार ने किसानों से MSP पर डेटा और फसलों की विस्तृत जानकारी मांगी। 3. किसानों ने 23 फसलों पर MSP की गारंटी की मांग दोहराई, लेकिन सरकार 2-3 अतिरिक्त फसलों पर ही विचार करने को तैयार दिखी। 4. MSP कानून, लाठीचार्ज, किसानों पर दर्ज केस वापसी और टोल टैक्स छूट जैसे मुद्दों पर भी चर्चा हुई।
अगली रणनीति क्या होगी? 1. किसान संगठनों ने कहा है कि वे 19 मार्च की बैठक तक इंतजार करेंगे। 2. अगर बैठक में कोई ठोस हल नहीं निकलता, तो आंदोलन तेज किया जाएगा। 3. किसानों ने दिल्ली कूच की चेतावनी भी दी है।
आंदोलन के मुख्य मुद्दे 1. 23 फसलों पर MSP की कानूनी गारंटी 2. लाठीचार्ज और केस वापसी 3. बिजली बिल 2020 रद्द करना 4. टोल टैक्स से किसानों को छूट
सरकार और किसानों के बीच MSP को लेकर गतिरोध जारी है। हालांकि सरकार ने MSP डेटा की मांग कर अगले दौर की बातचीत का संकेत दिया है, लेकिन किसान संगठनों का कहना है कि अगर कोई ठोस हल नहीं निकला तो आंदोलन फिर तेज होगा।