30 जनवरी 2026 को रिलीज़ हुई मर्दानी 3 (Mardaani 3) एक बार फिर दर्शकों को महिला पुलिस ऑफिसर शिवानी शिवाजी रॉय की सख़्त, ईमानदार और निडर दुनिया में ले जाती है। करीब 6 साल बाद आई इस फ्रेंचाइज़ी की तीसरी फिल्म को लेकर दर्शकों में जबरदस्त उत्सुकता थी। सवाल यही था—क्या मर्दानी 3 अपने पहले दो पार्ट्स की तरह समाज को झकझोर पाएगी?
कहानी (Story & Plot)
इस बार फिल्म की कहानी मुंबई से आगे बढ़ते हुए दिल्ली, बुलंदशहर और NIA मुख्यालय तक पहुंचती है। फिल्म एक बेहद संवेदनशील और डार्क विषय—बेगर माफिया और अवैध मेडिकल ट्रायल—पर आधारित है। कहानी में 90 दिनों के भीतर 93 लड़कियों के लापता होने का मामला सामने आता है, जिसकी जांच शिवानी शिवाजी रॉय कर रही हैं।
जांच के दौरान खुलासा होता है कि इन लड़कियों को अवैध कैंसर वैक्सीन के ह्यूमन ट्रायल के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है। इस पूरे रैकेट की सरगना है एक रहस्यमयी महिला, जिसे सभी “अम्मा” के नाम से जानते हैं। फिल्म का टोन पहले से ज्यादा गंभीर और डरावना है, जो दर्शकों को असहज भी करता है।
अभिनय (Performance)
अभिनय की बात करें तो रानी मुखर्जी एक बार फिर साबित करती हैं कि शिवानी शिवाजी रॉय का किरदार उनसे बेहतर कोई नहीं निभा सकता। 30 साल के करियर के बाद भी उनकी स्क्रीन प्रेज़ेंस उतनी ही दमदार है।
शैतान फेम जांकी बोडीवाला ने कांस्टेबल फातिमा के रोल में अच्छा प्रभाव छोड़ा है।
हालांकि, विलेन “अम्मा” का किरदार प्रभावी होते हुए भी उतना खौफनाक नहीं बन पाया, जितना मर्दानी 1 और 2 के खलनायक (ताहिर राज भसीन और विशाल जेठवा) थे।
निर्देशन और पटकथा (Direction & Screenplay)
फिल्म का निर्देशन गंभीर और रियलिस्टिक है, लेकिन स्क्रीनप्ले थोड़ी कमजोर नज़र आती है। कहानी कई जगहों पर प्रेडिक्टेबल हो जाती है और वही सरप्राइज़ एलिमेंट मिस करता है, जो पिछले भागों की ताकत थी। कुछ सीन बेहद असरदार हैं, लेकिन कुल मिलाकर नयापन कम महसूस होता है।
खास बातें (Interesting Facts)
- रानी मुखर्जी ने इस फिल्म के लिए असली NIA अधिकारियों से ट्रेनिंग ली
- फ्रेंचाइज़ी में पहली बार जांच भारत से बाहर श्रीलंका तक जाती है
- कई एक्शन सीक्वेंस रियल लोकेशंस पर शूट किए गए हैं
Cop Universe पर चर्चा
फिल्म के साथ एक बड़ा सवाल भी जुड़ा है—
क्या शिवानी शिवाजी रॉय, रोहित शेट्टी के Cop Universe का हिस्सा बनेंगी?
जहां एक तरफ सिंघम, सिम्बा और सूर्यवंशी का मसाला-भरा, स्टाइलिश यूनिवर्स है, वहीं मर्दानी का संसार ज़मीनी हकीकत से जुड़ा हुआ है। खुद रानी मुखर्जी भी साफ कर चुकी हैं कि मर्दानी का टोन बेहद गंभीर है, जो रोहित शेट्टी के रंगीन यूनिवर्स से अलग है। हालांकि, अगर कभी ऐसा क्रॉसओवर हुआ, तो दर्शकों के लिए ये किसी ट्रीट से कम नहीं होगा।
फाइनल वर्डिक्ट (Final Verdict)
मर्दानी 3 एक OTT-worthy, one-time watch फिल्म है। थिएटर में यह औसत अनुभव देती है, लेकिन डिजिटल प्लेटफॉर्म पर यह ज्यादा असर छोड़ सकती है।
अगर आप मर्दानी फ्रेंचाइज़ी या रानी मुखर्जी के फैन हैं, तो फिल्म जरूर देखें। अन्य दर्शक OTT रिलीज़ का इंतज़ार कर सकते हैं।
⭐ रेटिंग: 2.5 / 5
