Farah Khan Biography in Hindi

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आज हम उस सिलेब्रिटी की बात करेंगे जो बॉलीवुड में सबकी फेवरेट बन चुकी हैं — कोरियोग्राफर, डायरेक्टर, प्रोड्यूसर और अब हमारी फेवरेट यूट्यूबर: फ़राह ख़ान (Farah Khan)। मगर ये चमक-दमक जितनी आज दिखती है, शुरुआत उतनी ही आसान नहीं थी। आइए फ़राह की ज़िंदगी को शुरुआत से पढ़ते हैं — संघर्ष, किस्मत और हुनर की कहानी।

बचपन और संघर्ष

फ़राह ख़ान का जन्म 9 जनवरी 1965 को एक संपन्न घराने में हुआ था। उनके पिता कमरान ख़ान स्टंटमैन से फिल्ममेकर बने थे। लेकिन 1971 में उनके पिता ने सारी जमा-पूंजी एक फ़िल्म Aisa Bhi Hota Hai में लगा दी — जो फ्लॉप हो गई। उस फ़िल्म की असफलता ने परिवार की सारी चाल-चलन बदल दी: घर की चीज़ें बेचीं गईं, गाड़ियाँ, फर्नीचर, यहाँ तक कि उनकी माँ के गहने भी। पहले जो परिवार कई फ्लैट्स में रहता था, धीरे-धीरे बस एक छोटा सा एक-बेडरूम घर बचा — जो उनके माता के नाम पर था।
फिल्म की नाकामी के बाद उनके पिता नशे के आदी बन गए और घर की आर्थिक ज़िम्मेदारी ‘किटी-पार्टी’ के पैसों पर चलने लगी — यकीन करना मुश्किल है पर यही उनकी बचपन की सच्चाई थी।

सहारा — मासी Honey Irani

परिवार की मुश्किल घड़ी में फ़राह और उनके भाई सजिद को उनकी माँ ने अपनी बहन Honey Irani के पास भेज दिया। Honey उस वक्त खुद एक सिंगल मदर की तरह फ़रहान और ज़ोया, फराह और सजिद का ख्याल रख रही थीं। फ़राह ने कई इंटरव्यू में खुलकर कहा है कि Honey Irani ने उन्हीं के जीवन में एक मज़बूत सहारा बनकर उनकी किस्मत बदली — मासी की मौजूदगी ने फ़राह को संभाला और बढ़ने की ताकत दी।

जुनून — नृत्य से निर्देशन तक

फ़राह बताती हैं कि उनका सपना हमेशा डायरेक्टर बनने का था, पर नृत्य का भी उन्हीं को शौक था। पढ़ाई के साथ-साथ उन्होंने समर जॉब्स भी किए ताकि परिवार की मदद कर सकें और साथ में दोस्तों के साथ एक डांस ट्रूप बनाई। फ़िल्ममेकिंग उन्होंने ऑन-जॉब सीखकर सीखी — शंकर नाग जैसे निर्देशकों के साथ असिस्ट कर के।

उनका बड़ा मौका तब आया जब वे 25 साल की थीं और Jo Jeeta Wohi Sikandar में AD थीं। उस फ़िल्म के गानों को आम तौर पर सरोज़ ख़ान जैसे दिग्गजों ने कोरियोग्राफ किया करते थे, लेकिन एक दिन जब सरोज़ जी शूट पर मौजूद नहीं थीं, तब निर्देशक मंसूर ख़ान ने फ़राह पर भरोसा किया — क्योंकि वे जानते थे कि फ़राह का अपना डांस ग्रुप है और वे डांस अच्छी तरह जानती हैं। और फिर… वही मौका फ़राह का बड़ा मोड़ बन गया।

पहला नशा — और करियर की शुरुआत

फ़राह ने जब Pehla Nasha जैसी आइकॉनिक रचना दी — उस गाने में उन्होंने जो स्लो-मोशन और स्टाइलिश मूव्स लाये, उसने बॉलीवुड की कोरियोग्राफी की परिभाषा ही बदल दी। जीन्स पहन कर, फ्रेंडली माहौल बनाकर और नए ढंग का डांस पेश कर के उन्होंने कोरियोग्राफी को ‘कूल’ बना दिया। यही गाना उन्हें आधिकारिक तौर पर कोरियोग्राफर बना गया — और यहीं से उनका फ़राह-आमिर (पहला ‘Khan’ कनेक्शन — आमिर ख़ान) का रिश्ता भी शुरू हुआ।

उनके दूसरे ख़ान कनेक्शन का रूट थोड़ा पुराना है — फ़राह की माँ मेनाका इरानी ने 1963 में सलिम ख़ान के साथ फ़िल्म Bachpan की थी। भले ही वो फ़िल्म सफल न हुई, पर रिश्तों की यह कड़ी आगे चल कर फ़राह और सलमान के नाते में जुड़ गई। तीसरा ख़ान कनेक्शन शाहरुख से जुड़ा — फ़राह ने कई नए और युवा निर्देशकों के साथ काम किया और इसी वर्क-कल्चर के दौरान उनकी मुलाक़ात शाहरुख ख़ान से हुई। जब फ़राह ने डायरेक्ट करने का विचार किया तो शाहरुख ने उनके पहले फ़िल्म में न सिर्फ़ अभिनय किया बल्कि उस फ़िल्म को प्रोड्यूस भी किया — यही था एक परफेक्ट ‘Khan’ कनेक्शन का जादू।

फिल्में और व्यावसायिक मुक़ाम

फ़राह ने कुल चार फुल-लेंथ फ़िल्में डायरेक्ट कीं:

  • Main Hoon Na
  • Om Shanti Om
  • Tees Maar Khan
  • Happy New Year

इसके अलावा उन्होंने अभिनय भी किया — जैसे Shirin Farhad Ki Toh Nikal Padi में। उनकी फ़िल्मी ज़िन्दगी में प्रोफेशनल सफलता साफ दिखी — कोरियोग्राफी से लेकर निर्देशन तक, फ़राह ने अपनी जगह बनाए रखी।

प्यार और निजी ज़िन्दगी

फ़राह की ज़िन्दगी में शिरीष कुण्डर का इंट्री Main Hoon Na के दौरान हुई — शिरीष वो थे जिन्होंने फ़िल्म का एडिट किया और उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गयी। कहा जाता है कि उनकी शादी तीन तरीके से हुई — एक रजिस्टर विवाह, एक साउथ इंडियन स्टाइल, और एक निकाह — और शाहरुख-गौरी ने फ़राह का कन्यादान भी किया। बीच-बीच में कुछ विवाद (जैसे 2012 की ‘स्लैप कॉन्ट्रोवर्सी’) भी आये, पर रिश्तों ने फिर पाट लिया और सब नॉर्मल हो गया।

यूट्यूब और आज की फ़राह

आज फ़राह यूट्यूब पर भी धूम मचा रही हैं — उनके साथ उनका रसोइया दिलीप भी दर्शकों का दिल जीत चुका है। दिलीप की मासूमियत और उनके और फ़राह के बीच का सफर दर्शकों को खूब भा गया। (नोट: आपने जो भी वीडियो देखी हो — यूट्यूब वाइरलिटी किसी के भी लिए कब क्या कर दे, कहा नहीं जा सकता!)

संदेश — मेहनत का फल हमेशा मिलता है

फ़राह ख़ान की ज़िन्दगी बताती है कि अगर हुनर और हिम्मत हो तो ‘मैन-ज़-वर्ल्ड’ कहे जाने वाले बॉलीवुड में भी अपनी जगह बनाई जा सकती है। एक बड़े घर से एक छोटे कमरे तक आना, फिर वहीं से उठकर पूरे देश को अपने इशारे पर नचाना — ये किसी आम कहानी जैसा नहीं।
फ़राह ने हार मानी नहीं — और यही बात उन्हें खास बनाती है। आज वे न सिर्फ़ सफल डायरेक्टर और कोरियोग्राफर हैं, बल्कि एक लोकप्रिय यूट्यूबर भी हैं — और उनकी यह जर्नी हमें सिखाती है:

जिन ज़िन्दगी के ‘फ्लॉप’ पल होते हैं, उन्हीं से हम ‘सुपरहिट’ सबक लेते हैं।

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