<p class="wp-block-paragraph">दिल्ली परिवहन निगम (DTC) में भारी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि AAP सरकार के कार्यकाल के दौरान DTC को करोड़ों का नुकसान हुआ है। यह रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा में पेश की गई, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या कहती है CAG रिपोर्ट?</strong><br>CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि DTC में प्रबंधन की खामियों और वित्तीय गड़बड़ियों के कारण भारी घाटा हुआ है। बसों के रखरखाव में अनियमितताएं, टिकटिंग सिस्टम में खामियां और अनावश्यक खर्च जैसे कारणों से DTC को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>AAP सरकार के कार्यकाल पर उठे सवाल</strong><br>CAG रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2023 के बीच DTC का प्रदर्शन लगातार खराब रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि:<br>1. 2015-16 में DTC के पास 4344 बसें थीं, 2023-24 में इनकी संख्या घटकर 3937 ही रह गई।<br>2. 2015 से 2022 के बीच में डीटीसी को 14198 करोड़ रुपए का संचालन घाटा हुआ।<br>3. इसके अलावा कई बसें समय से पहले खराब हो गईं।<br>4. मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों का खर्च हुआ, लेकिन परिणाम नहीं दिखे।<br>5. बसों की उपलब्धता और यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या है DTC की वर्तमान स्थिति?</strong><br>DTC दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ है। हर दिन लाखों यात्री इस सेवा का उपयोग करते हैं। लेकिन CAG की रिपोर्ट में सामने आई वित्तीय गड़बड़ियों ने दिल्ली की परिवहन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।</p>
<p class="wp-block-paragraph">CAG की रिपोर्ट में सामने आए खुलासों ने DTC की कार्यप्रणाली और आप सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन खामियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है और क्या कोई जांच होगी या नहीं।</p>
दिल्ली परिवहन निगम (DTC) में भारी वित्तीय अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। नियंत्रक और महालेखा परीक्षक (CAG) की हालिया रिपोर्ट में यह खुलासा किया गया है कि AAP सरकार के कार्यकाल के दौरान DTC को करोड़ों का नुकसान हुआ है। यह रिपोर्ट दिल्ली विधानसभा में पेश की गई, जिसमें कई चौंकाने वाली बातें सामने आई हैं।
क्या कहती है CAG रिपोर्ट? CAG की रिपोर्ट में कहा गया है कि DTC में प्रबंधन की खामियों और वित्तीय गड़बड़ियों के कारण भारी घाटा हुआ है। बसों के रखरखाव में अनियमितताएं, टिकटिंग सिस्टम में खामियां और अनावश्यक खर्च जैसे कारणों से DTC को करोड़ों का नुकसान झेलना पड़ा।
AAP सरकार के कार्यकाल पर उठे सवाल CAG रिपोर्ट के अनुसार, 2015 से 2023 के बीच DTC का प्रदर्शन लगातार खराब रहा। रिपोर्ट में बताया गया है कि: 1. 2015-16 में DTC के पास 4344 बसें थीं, 2023-24 में इनकी संख्या घटकर 3937 ही रह गई। 2. 2015 से 2022 के बीच में डीटीसी को 14198 करोड़ रुपए का संचालन घाटा हुआ। 3. इसके अलावा कई बसें समय से पहले खराब हो गईं। 4. मेंटेनेंस के नाम पर करोड़ों का खर्च हुआ, लेकिन परिणाम नहीं दिखे। 5. बसों की उपलब्धता और यात्रियों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई।
क्या है DTC की वर्तमान स्थिति? DTC दिल्ली की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था की रीढ़ है। हर दिन लाखों यात्री इस सेवा का उपयोग करते हैं। लेकिन CAG की रिपोर्ट में सामने आई वित्तीय गड़बड़ियों ने दिल्ली की परिवहन प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
CAG की रिपोर्ट में सामने आए खुलासों ने DTC की कार्यप्रणाली और आप सरकार की जवाबदेही पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि सरकार इन खामियों को दूर करने के लिए क्या कदम उठाती है और क्या कोई जांच होगी या नहीं।