<p class="wp-block-paragraph">पंजाब में एक बार फिर किसान आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं सरवन सिंह पंधेर, जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई अन्य को हिरासत में ले लिया है।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>क्या है किसानों की मांग?</strong><br>किसान संगठनों की मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी सुनिश्चित करे, कृषि कानूनों को पूरी तरह खत्म करे और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस ले। किसान नेताओं और केंद्र के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>पुलिस की कार्रवाई और किसानों का रोष</strong><br>1. पंजाब पुलिस ने मंगलवार देर रात और बुधवार को किसान नेताओं को गिरफ्तार किया।<br>2. शंभू और खनौरी बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।<br>3. पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लेने के बाद बैरिकेड हटाने का काम शुरू किया।<br>4. हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को लेकर प्रदर्शनकारियों में गुस्सा बढ़ रहा है।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>आगे क्या?</strong><br>किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन और तेज होगा। वहीं, प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए धरना स्थल को खाली कराने का अभियान जारी रखा है।</p>
पंजाब में एक बार फिर किसान आंदोलन ने जोर पकड़ लिया है। शंभू और खनौरी बॉर्डर पर लंबे समय से प्रदर्शन कर रहे किसानों को हटाने की कार्रवाई शुरू हो गई है। पंजाब पुलिस ने किसान नेताओं सरवन सिंह पंधेर, जगजीत सिंह डल्लेवाल समेत कई अन्य को हिरासत में ले लिया है।
क्या है किसानों की मांग? किसान संगठनों की मांग है कि सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी सुनिश्चित करे, कृषि कानूनों को पूरी तरह खत्म करे और उनके खिलाफ दर्ज मामलों को वापस ले। किसान नेताओं और केंद्र के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकला।
पुलिस की कार्रवाई और किसानों का रोष 1. पंजाब पुलिस ने मंगलवार देर रात और बुधवार को किसान नेताओं को गिरफ्तार किया। 2. शंभू और खनौरी बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। 3. पुलिस ने कई किसानों को हिरासत में लेने के बाद बैरिकेड हटाने का काम शुरू किया। 4. हिरासत में लिए गए किसान नेताओं को लेकर प्रदर्शनकारियों में गुस्सा बढ़ रहा है।
आगे क्या? किसान संगठनों ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार जल्द कोई ठोस निर्णय नहीं लेती, तो आंदोलन और तेज होगा। वहीं, प्रशासन ने सख्त कदम उठाते हुए धरना स्थल को खाली कराने का अभियान जारी रखा है।
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