<p class="wp-block-paragraph">उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” (mukhyamantri sarkari teacher bima yojana) शुरू की है। इस योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े लगभग 12–15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों सहित अन्य पात्र कर्मियों एवं उनके आश्रितों को प्रति परिवार <em>प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक</em> का कैशलेस मेडिकल कवरेज मिलेगा। योजना का सम्पूर्ण वार्षिक प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी (अनुमानित ₹447 करोड़ या ~₹3,000 प्रति शिक्षक)। इसे लागू करने की जिम्मेदारी स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS) को सौंपी गई है, जो आयुष्मान भारत के मॉडल पर काम करेगी। इस पहल से शिक्षकों को महंगे इलाज के खर्च से बचाव, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा तथा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।</p>
<p class="wp-block-paragraph">शिक्षक समाज की नींव है और उनकी सेहत पर की गई रक्षा सीधे शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। भारत के <a href="https://indiatrue.org.in/sarkari-yojana-list/" data-type="page" data-id="1951">sarkari yojana</a> एवं अन्य राज्य उदाहरणों से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश में भी शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2025 में शिक्षक दिवस पर इस कल्याणकारी योजना की घोषणा की थी, और जनवरी 2026 में कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिली। इस अभियान से राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों को आर्थिक बोझ की चिंता के बिना इलाज की सुविधा मिले।</p>
<p class="wp-block-paragraph">स्कीम की रूपरेखा से स्पष्ट है कि इसका उद्देश्य शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को <em>गुणवत्तापूर्ण, कैशलेस चिकित्सा सुरक्षा</em> प्रदान करना है। लाभार्थी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या सर्जरी जैसी आपात स्थितियों में इलाज के लिए सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के उपचार करा सकेंगे।</p>
<h2 class="wp-block-heading">Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana Kya Hai?</h2>
<div class="wp-block-image">
<figure class="aligncenter size-large"><img src="https://indiatrue.org.in/wp-content/uploads/2026/07/mukhyamantri-shikshak-cashless-chikitsa-yojana-up-gov-1024x683.jpg" alt="mukhyamantri shikshak cashless chikitsa yojana" class="wp-image-1962"/></figure>
</div>
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>उद्देश्य व प्रसंग:</strong> इस योजना का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा उनके आश्रितों को <em>स्वास्थ्य संबंधी खर्च के आर्थिक बोझ से मुक्त</em> करना है। मुख्यमंत्री ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से इसकी शुरुआत करते हुए बताया कि इससे 15 लाख से अधिक शिक्षकों को लाभ मिलेगा और यह प्रायः देश में किसी वर्ग के लिए पहली बार हो रही पहल है।</li>
<li><strong>कार्यक्रम का दायरा:</strong> योजना उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद (स्कूल शिक्षा विभाग) और उच्च शिक्षा विभाग (राज्य सरकार सहायता प्राप्त महाविद्यालयों) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कवर करती है। इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों/कॉलेजों के शिक्षक शामिल हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक, वहाँ के वार्डन, साथ ही प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत रसोइया भी लाभार्थी हैं। प्रत्येक लाभार्थी परिवार को <em>प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक</em> कैशलेस चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध होगी।</li>
<li><strong>कैशलेस तंत्र:</strong> यह योजना पूर्णतः कैशलेस है। लाभार्थियों को एक <em>स्वास्थ्य कार्ड</em> प्रदान किया जाएगा, जिसे सरकारी या योजना से जुड़े निजी (एम्पैनल्ड) अस्पताल में दिखाकर भर्ती एवं उपचार कराए जाने पर कोई अग्रिम धनराशि नहीं देनी होगी। अस्पताल में उपचार की दरें आयुष्मान भारत/राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा निर्धारित पैकेज दरों पर आधारित रहेंगी। इलाज के बिल सीधे राज्य सरकार (साचीएस) द्वारा भुगतान किए जाएंगे।</li>
<li><strong>आरंभ तिथि और अपडेट:</strong> इस योजना की औपचारिक शुरुआत <strong>8 जुलाई 2026</strong> को हुई। उसके बाद विभिन्न जिलों में डेमो कार्ड वितरित किए गए, और पात्र शिक्षकों को समय-समय पर हेल्थ कार्ड के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की गाइडलाइन्स में यह उल्लेख है कि 6 सितंबर 2026 तक सभी पात्रों को कैशलेस हेल्थ कार्ड हेतु पंजीकरण पूरा करना होगा।</li>
<li><strong>TPA/इंश्योरर विवरण:</strong> चूंकि योजना आयुष्मान भारत की तरह SACHIS द्वारा संचालित है, किसी निजी बीमा कंपनी के बजाए SACHIS एवं NHA के नियमों के अनुसार बिल निपटान होगा। इसलिए TPA की अपेक्षा सीधे सरकारी एजेंसी बिल चेक एवं भुगतान करेगी।</li>
</ul>
<h2 class="wp-block-heading">Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana के लाभ</h2>
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>आर्थिक बचत:</strong> शिक्षकों और उनके परिवारों को इलाज में होने वाले बड़े खर्च पर चिंता नहीं करनी होगी। ₹5 लाख तक का आवधिक कवरेज किसी भी <em>महंगे इलाज</em> के वित्तीय बोझ को दूर कर देता है। स्कूलों में मिलने वाली कम आय को देखते हुए यह योजना आर्थिक राहत का माध्यम है।</li>
<li><strong>स्वास्थ्य सुरक्षा:</strong> कैशलेस उपचार से समय पर बेहतर इलाज संभव होगा, जिससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे। बीमारी के इलाज में देरी न होने से शिक्षक अपने काम पर भी ध्यान दे सकेंगे। सरकारी एवं निजी दोनों अस्पतालों में सुविधा मिलने से कवरेज का दायरा व्यापक है।</li>
<li><strong>संस्थागत लाभ:</strong> इस योजना से शिक्षा विभाग में कामगारों का मनोबल बढ़ेगा। सम्मान की भावना के साथ काम करने से वे और निष्ठापूर्वक बच्चों को पढ़ाई में योगदान देंगे। साथ ही, राज्य का शिक्षा-स्वास्थ्य सेक्टर दोनों सुदृढ़ होगा।</li>
<li><strong>सामाजिक सुरक्षा के अन्य पहल:</strong> योजना के शुभारंभ के साथ ही सरकार ने Teachers के लिए समूह जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा की घोषणाएँ भी की हैं। राज्य बैंक के साथ समझौते में 10 लाख शिक्षकों को जीवन, दुर्घटना और दिव्यांगता बीमा प्रदान किया जाएगा। इससे शिक्षकों के पास स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ दुर्घटना एवं अप्रत्याशित घटनाओं में सुरक्षा का कवच भी होगा।</li>
</ul>
<h2 class="wp-block-heading">Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana – पात्रता मानदंड</h2>
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>पात्र लाभार्थी:</strong> योजना में <em>बेसिक शिक्षा परिषद (उन्नीस शिक्षा)</em> और उच्च शिक्षा विभाग के नियमित/अनुदानित/स्ववित्त शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों (CWSN), अनुदेशकों, कस्तूरबा विद्यालय के पूर्णकालिक एवं अंशकालिक अध्यापकों, वार्डन, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों सहित इन सभी के आश्रित परिवार के सदस्य शामिल हैं। (उपरोक्त सूची से स्पष्ट है कि श्रेणीगत रूप से लगभग 12–15 लाख कर्मी-कर्मचारियों को कवर किया गया है।) प्रत्येक पात्र शिक्षक/कर्मचारी के साथ उसके आश्रित परिवार को भी उपचार सुविधा मिलेगी।</li>
<li><strong>अपात्रता की शर्तें:</strong> यदि कोई व्यक्ति पहले से <em>आयुष्मान भारत (AB-PMJAY)</em>, <em>मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान</em>, या किसी अन्य केंद्र/राज्य शासन की स्वास्थ्य योजना का लाभ उठा रहा है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। इसका उद्देश्य दोहरी लाभ न मिलना सुनिश्चित करना है।</li>
<li><strong>आश्रित कवरेज:</strong> आश्रित परिवार में पति/पत्नी, बच्चे (नियमों में परिभाषित सीमा तक), निर्भर माता-पिता आदि शामिल हो सकते हैं। सम्पूर्ण आश्रितों के विवरण का नामांकन नोडल अधिकारी द्वारा SACHIS को प्रतिवर्ष दिया जाएगा।</li>
<li><strong>प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेज़:</strong> योजना में आवेदन हेतु पात्र शिक्षक को कर्मचारी पहचान-पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज़ फोटो, और आश्रितों के विवरण जैसे दस्तावेज़ जमा करने होंगे। यदि लाभार्थी विकलांग है तो विकलांगता प्रमाण-पत्र आवश्यक है। (नीचे दस्तावेज़ चेकलिस्ट देखें।)</li>
</ul>
<h2 class="wp-block-heading">सावधानियाँ</h2>
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>धोखाधड़ी के जोखिम:</strong> कैशलेस योजनाओं में कभी-कभी कार्ड या पात्रता की गलत जानकारी से धोखाधड़ी हो सकती है। शिक्षकों को अपना स्वास्थ्य कार्ड सुरक्षित रखना चाहिए और किसी अनधिकृत व्यक्ति को कार्ड अथवा OTP न देने की सावधानी बरतनी चाहिए।</li>
<li><strong>दावा अस्वीकृति:</strong> इलाज के बाद अस्पताल द्वारा बिल भेजे जाने पर यदि फॉर्म/दस्तावेज़ सही नहीं मिले, तो दावा अस्वीकृत हो सकता है। इसलिए अस्पताल के एम्पैनलमेंट की जांच करें और इलाज से पहले पात्रता व दस्तावेज़ों की पुष्टि कर लें।</li>
<li><strong>नेटवर्क अस्पताल:</strong> योजना केवल SACHIS के एम्पैनल्ड सरकारी और निजी अस्पतालों में ही मान्य है। सुनिश्चित करें कि आप जिस अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, वह सूचीबद्ध है। (एंपैनल्ड सूची SACHIS की वेबसाइट या हेल्पलाइन पर मिल सकती है।)</li>
<li><strong>नवीनीकरण/पोर्टेबिलिटी:</strong> यह योजना अवधि के आधार पर चलती है, जिसके लिए पात्रता बनाए रखने हेतु SACHIS के रिकॉर्ड में नाम दर्ज रहना अनिवार्य है। अगर कोई शिक्षक विभाग छोड़कर अन्य राज्य चला जाता है या शिक्षा विभाग से अलग होता है, तो कवरेज रद्द हो सकता है। वर्तमान में योजना की लाभ-परतिबद्धता सिर्फ उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग तक सीमित है; किसी अन्य राज्य में स्थानांतरण के बाद प्रदेश की योजनाएं लागू नहीं होंगी।</li>
</ul>
<h2 class="wp-block-heading">Mukhyamantri Shikshak Cashless Card कैसे प्राप्त करें</h2>
<p class="wp-block-paragraph">इस योजना में शामिल होने के लिए पात्र शिक्षक एवं कर्मी को <strong>ऑनलाइन पंजीकरण</strong> करना होगा। मुख्य चरण इस प्रकार हैं:</p>
<ol class="wp-block-list">
<li>आधिकारिक पोर्टल <strong><a href="http://cmtcts.upsdc.gov.in">cmtcts.upsdc.gov.in</a></strong> पर जाएं (मुख्य पृष्ठ पर “शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड योजना आवेदन” विकल्प)।</li>
<li>अपना आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज कर स्क्रीन पर कैप्चा और OTP की सहायता से लॉगिन करें।</li>
<li>खुलने वाले आवेदन पत्र में अपने कार्यालय से संबंधित विवरण, व्यक्तिगत जानकारी तथा आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी भरें।</li>
<li>आश्रित परिवार के सदस्यों को जोड़ने के लिए “हाँ” चुनें और उनके विवरण भरें।</li>
<li>सभी जानकारियाँ भरने के बाद “सेव एवं नेक्स्ट” पर क्लिक करके फॉर्म की जाँच करें।</li>
<li>त्रुटि न हो तो फॉर्म अंतिम रूप से जमा करें।</li>
<li>संबंधित विभाग (स्कूल शिक्षा) द्वारा दस्तावेज़ सत्यापन के बाद आपका कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा, जिसे आप पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।</li>
<li>कार्ड जारी होने के बाद किसी भी समय एम्पैनल्ड अस्पताल में कार्ड दिखाकर इलाज कराएं। अस्पताल बिल SACHIS को सबमिट करेगा, और स्वीकृत खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।</li>
</ol>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>नोडल अधिकारी एवं हेल्पलाइन:</strong> योजना का संचालन SACHIS द्वारा होने से लाभार्थी किसी भी समस्याएं – जैसे लॉगिन, दस्तावेज़ या बिल से संबंधित – के लिए SACHIS की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-1800-4444 (आरोग्य मेला/आयुष्मान हेल्पलाइन) पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के जिला/जिला परियोजना कार्यालय में भी सहायता मिल सकती है।</p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://indiatrue.org.in/wp-content/uploads/2026/07/image-1-1024x147.png" alt="kaise prapt karen mukhyamantri cashless teacher card" class="wp-image-1965"/></figure>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>दस्तावेज़ चेकलिस्ट:</strong> योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ सामान्यतः आवश्यक हैं (देखें G.O. और पोर्टल दिशा-निर्देश):</p>
<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><thead><tr><th>दस्तावेज़</th><th>विवरण</th></tr></thead><tbody><tr><td>आधार कार्ड</td><td>लाभार्थी का आधार कार्ड (नवीनतम)</td></tr><tr><td>पहचान पत्र / सेवा प्रमाण</td><td>शिक्षक पहचान-पत्र या सेवा संबंधी दस्तावेज़</td></tr><tr><td>आधार-लिंक्ड मोबाइल</td><td>योजना पोर्टल लॉगिन हेतु मोबाइल नंबर</td></tr><tr><td>पासपोर्ट साइज फोटो</td><td>लाभार्थी एवं आश्रित परिवार की तस्वीरें</td></tr><tr><td>विकलांगता प्रमाण-पत्र</td><td>यदि लाभार्थी या आश्रित दिव्यांग है तो अनिवार्य</td></tr><tr><td>आश्रित विवरण</td><td>आश्रितों के नाम, आयु और संबंध का ब्यौरा</td></tr><tr><td>अन्य दस्तावेज़</td><td>विभाग या SACHIS द्वारा मांगे गए अतिरिक्त कागजात</td></tr></tbody></table></figure>
<h2 class="wp-block-heading">अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)</h2>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>1. यह योजना कब लागू हुई?</strong><br>उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से लागू किया। आप अब पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>2. योजना के लाभार्थी कौन हैं?</strong><br>बेसिक शिक्षा परिषद और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षक/वार्डन, पीएम पोषण योजना के रसोइया और इनके आश्रित परिवार पात्र हैं।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>3. और कौन से दस्तावेज चाहिए?</strong><br>आधार कार्ड, कर्मचारी पहचान-पत्र, आधार-लिंक्ड मोबाइल, पासपोर्ट साइज फोटो, विकलांगता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) एवं आश्रितों के विवरण की आवश्यकता होती है। विभाग द्वारा अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>4. कितनी चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी?</strong><br>प्रति परिवार <em>वार्षिक ₹5 लाख तक</em> की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सरकारी अस्पतालों में खर्च की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, जबकि निजी अस्पताल में निर्धारित पैकेज दरों तक कवरेज है।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>5. यदि कोई शिक्षक पहले से आयुष्मान लाभार्थी है तो?</strong><br>ऐसे लाभार्थी इस योजना के पात्र नहीं होंगे। दूसरे शब्दों में, एक ही व्यक्ति को एक से अधिक सरकारी स्वास्थ्य योजना के लाभ नहीं मिलेंगे।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>6. कैसे पोर्टल पर लॉगिन करें?</strong><br><strong>a.</strong> <a href="http://cmtcts.upsdc.gov.in">cmtcts.upsdc.gov.in</a> पर जाएँ। <strong>b.</strong> अपने आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डालें और स्क्रीन पर कैप्चा दर्ज करें। <strong>c.</strong> ‘Proceed’ पर क्लिक करके OTP सत्यापित करें। सफल लॉगिन पर फॉर्म भरें।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>7. हेल्थ कार्ड कितना समय में मिलेगा?</strong><br>आवेदन जमा होने के बाद विभागीय सत्यापन के उपरांत कार्ड जारी होगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र शिक्षकों को 6 सितम्बर 2026 तक कार्ड के लिए पंजीकरण पूरा करना होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर पोर्टल से हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर लें।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>8. इसे ऑफ़लाइन कैसे प्राप्त करें?</strong><br>इस योजना में मुख्यतः ऑनलाइन पंजीकरण है। फिलहाल ऑफ़लाइन आवेदन की सुविधा नहीं बताई गई है। इसके लिए जिले के शिक्षा अधिकारियों अथवा SACHIS हेल्पलाइन (1800-1800-4444) से संपर्क कर सकते हैं।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>9. मृत्यु या दुर्घटना पर क्या लाभ है?</strong><br>योजना के साथ SBI के माध्यम से <em>समूह जीवन एवं दुर्घटना बीमा</em> की व्यवस्था भी है। 10 लाख से 80 लाख तक का बीमा कवर (नियमों के अनुसार) दिया जाएगा। यह मुख्य रूप से नियमित/संविदा शिक्षकों के परिवार के लिए है।</p>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>10. योजना कब तक वैध रहेगी?</strong><br>योजना की वर्तमान रूपरेखा के अनुसार यह बारह माह के लिए है, जिसे सरकार नवीनीकृत करती रहेगी। हर वर्ष जून तक विभाग लाभार्थियों के डेटा SACHIS को भेजकर कवरेज सुनिश्चित करेगा। भविष्य में नवीनीकरण या संशोधन की जानकारी आधिकारिक अधिसूचनाओं से मिलती रहेगी।</p>
<h2 class="wp-block-heading">योजना की तुलना</h2>
<p class="wp-block-paragraph">नीचे दी गई तालिका में इस योजना की कुछ मुख्य विशेषताओं की तुलना अन्य प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के साथ की गई है:</p>
<figure class="wp-block-table"><table class="has-fixed-layout"><thead><tr><th>योजना का नाम</th><th>लाभार्थी</th><th>कवर राशि</th><th>आरंभ वर्ष</th><th>निधि स्रोत</th></tr></thead><tbody><tr><td>मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना (यूपी)</td><td>यूपी के शिक्षा विभाग के शिक्षक एवं कार्मिक, आश्रित</td><td>₹5 लाख प्रति परिवार/वर्ष (प्राइवेट), सरकारी अस्पताल में अनलिमिटेड पैकेज</td><td>2026</td><td>यूपी सरकार (100%)</td></tr><tr><td>पं. दीनदयाल उपाध्याय राज्.कर्मचारी कैश. चिकित्सा योजना (यूपी)</td><td>यूपी के सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, आश्रित</td><td>प्राइवेट अस्पताल में ₹5 लाख/वर्ष, सरकारी अस्पताल में अनलिमिटेड</td><td>2022</td><td>यूपी सरकार (100%)</td></tr><tr><td>आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (केन्द्रीय)</td><td>BPL/PMJAY सूची के परिवार</td><td>₹5 लाख प्रति परिवार/वर्ष</td><td>2018</td><td>केंद्र+राज्य (पी0)</td></tr><tr><td>मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान (यूपी) (मुकामयोजना)</td><td>मृत्यु दर/बिस्थापन आधार पर अत्यंत गरीब परिवार</td><td>₹2-5 लाख (परिवार)</td><td>2020</td><td>यूपी सरकार</td></tr></tbody></table></figure>
<p class="wp-block-paragraph">इन तुलना से स्पष्ट है कि शिक्षक योजना <strong>विशिष्ट समूह</strong> (शिक्षक) को लक्षित करते हुए व्यापक कवरेज देती है, जबकि अन्य योजनाएँ आम जनता या सरकारी कर्मचारियों को कवर करती हैं। सभी योजनाओं में कैशलेस सुविधाएं हैं, परन्तु पात्र लाभार्थी, वार्षिक कवरेज राशि और प्राथमिकता समूह अलग-अलग हैं।</p>
<h2 class="wp-block-heading">संपर्क और सहायता</h2>
<ul class="wp-block-list">
<li><strong>आधिकारिक पोर्टल:</strong> <a href="http://cmtcts.upsdc.gov.in">cmtcts.upsdc.gov.in</a> (ऑनलाइन आवेदन एवं जानकारी)</li>
<li><strong>हेल्पलाइन:</strong> <em>1800-1800-4444</em> (आरोग्य मेला हेल्पलाइन) / <em>14555</em> (UP स्टेट हेल्थ कार्ड)</li>
<li><strong>ई-मेल:</strong> [email protected]</li>
<li><strong>नोडल कार्यालय:</strong> स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS), लखनऊ</li>
</ul>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>महत्वपूर्ण:</strong> पात्रता, दस्तावेज़ इत्यादि के बारे में जिला शिक्षा कार्यालय या SACHIS कार्यालय से भी सलाह लें। योजन संबंधी गाइडलाइन्स तथा प्रपत्र SACHIS की वेबसाइट या शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं।</p>
<figure class="wp-block-image size-large"><img src="https://indiatrue.org.in/wp-content/uploads/2026/07/image-1024x124.png" alt="" class="wp-image-1964"/></figure>
<p class="wp-block-paragraph"><strong>स्रोत:</strong> उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक अधिसूचनाएँ एवं घोषणाएँ, राज्य समाचार एवं विश्वसनीय समाचारपत्र</p>
उत्तर प्रदेश सरकार ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से “मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना” (mukhyamantri sarkari teacher bima yojana) शुरू की है। इस योजना के तहत बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग से जुड़े लगभग 12–15 लाख शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों सहित अन्य पात्र कर्मियों एवं उनके आश्रितों को प्रति परिवार प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस मेडिकल कवरेज मिलेगा। योजना का सम्पूर्ण वार्षिक प्रीमियम राज्य सरकार वहन करेगी (अनुमानित ₹447 करोड़ या ~₹3,000 प्रति शिक्षक)। इसे लागू करने की जिम्मेदारी स्टेट एजेंसी फॉर कॉम्प्रिहेंसिव हेल्थ एंड इंटीग्रेटेड सर्विसेज (SACHIS) को सौंपी गई है, जो आयुष्मान भारत के मॉडल पर काम करेगी। इस पहल से शिक्षकों को महंगे इलाज के खर्च से बचाव, बेहतर स्वास्थ्य सुविधा तथा आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
शिक्षक समाज की नींव है और उनकी सेहत पर की गई रक्षा सीधे शिक्षा व्यवस्था की गुणवत्ता को प्रभावित करती है। भारत के sarkari yojana एवं अन्य राज्य उदाहरणों से प्रेरणा लेकर उत्तर प्रदेश में भी शिक्षकों की स्वास्थ्य सुरक्षा को प्राथमिकता देने की पहल हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वर्ष 2025 में शिक्षक दिवस पर इस कल्याणकारी योजना की घोषणा की थी, और जनवरी 2026 में कैबिनेट से इसकी मंजूरी मिली। इस अभियान से राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि शिक्षकों को आर्थिक बोझ की चिंता के बिना इलाज की सुविधा मिले।
स्कीम की रूपरेखा से स्पष्ट है कि इसका उद्देश्य शिक्षा विभाग से जुड़े कर्मचारियों को गुणवत्तापूर्ण, कैशलेस चिकित्सा सुरक्षा प्रदान करना है। लाभार्थी गंभीर बीमारी, दुर्घटना या सर्जरी जैसी आपात स्थितियों में इलाज के लिए सरकारी व सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में बिना अग्रिम भुगतान के उपचार करा सकेंगे।
उद्देश्य व प्रसंग: इस योजना का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र से जुड़े कार्यरत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों तथा उनके आश्रितों को स्वास्थ्य संबंधी खर्च के आर्थिक बोझ से मुक्त करना है। मुख्यमंत्री ने 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से इसकी शुरुआत करते हुए बताया कि इससे 15 लाख से अधिक शिक्षकों को लाभ मिलेगा और यह प्रायः देश में किसी वर्ग के लिए पहली बार हो रही पहल है।
कार्यक्रम का दायरा: योजना उत्तर प्रदेश के बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा परिषद (स्कूल शिक्षा विभाग) और उच्च शिक्षा विभाग (राज्य सरकार सहायता प्राप्त महाविद्यालयों) के अंतर्गत कार्यरत कर्मचारियों और उनके आश्रितों को कवर करती है। इसमें सरकारी, सहायता प्राप्त एवं स्ववित्तपोषित विद्यालयों/कॉलेजों के शिक्षक शामिल हैं। कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों के पूर्णकालिक एवं अंशकालिक शिक्षक, वहाँ के वार्डन, साथ ही प्रधानमंत्री पोषण योजना के अंतर्गत रसोइया भी लाभार्थी हैं। प्रत्येक लाभार्थी परिवार को प्रतिवर्ष ₹5 लाख तक कैशलेस चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध होगी।
कैशलेस तंत्र: यह योजना पूर्णतः कैशलेस है। लाभार्थियों को एक स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किया जाएगा, जिसे सरकारी या योजना से जुड़े निजी (एम्पैनल्ड) अस्पताल में दिखाकर भर्ती एवं उपचार कराए जाने पर कोई अग्रिम धनराशि नहीं देनी होगी। अस्पताल में उपचार की दरें आयुष्मान भारत/राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) द्वारा निर्धारित पैकेज दरों पर आधारित रहेंगी। इलाज के बिल सीधे राज्य सरकार (साचीएस) द्वारा भुगतान किए जाएंगे।
आरंभ तिथि और अपडेट: इस योजना की औपचारिक शुरुआत 8 जुलाई 2026 को हुई। उसके बाद विभिन्न जिलों में डेमो कार्ड वितरित किए गए, और पात्र शिक्षकों को समय-समय पर हेल्थ कार्ड के लिए ऑनलाइन पंजीकरण करने के निर्देश दिए गए हैं। शासन की गाइडलाइन्स में यह उल्लेख है कि 6 सितंबर 2026 तक सभी पात्रों को कैशलेस हेल्थ कार्ड हेतु पंजीकरण पूरा करना होगा।
TPA/इंश्योरर विवरण: चूंकि योजना आयुष्मान भारत की तरह SACHIS द्वारा संचालित है, किसी निजी बीमा कंपनी के बजाए SACHIS एवं NHA के नियमों के अनुसार बिल निपटान होगा। इसलिए TPA की अपेक्षा सीधे सरकारी एजेंसी बिल चेक एवं भुगतान करेगी।
Mukhyamantri Shikshak Cashless Chikitsa Yojana के लाभ
आर्थिक बचत: शिक्षकों और उनके परिवारों को इलाज में होने वाले बड़े खर्च पर चिंता नहीं करनी होगी। ₹5 लाख तक का आवधिक कवरेज किसी भी महंगे इलाज के वित्तीय बोझ को दूर कर देता है। स्कूलों में मिलने वाली कम आय को देखते हुए यह योजना आर्थिक राहत का माध्यम है।
स्वास्थ्य सुरक्षा: कैशलेस उपचार से समय पर बेहतर इलाज संभव होगा, जिससे स्वास्थ्य परिणाम बेहतर होंगे। बीमारी के इलाज में देरी न होने से शिक्षक अपने काम पर भी ध्यान दे सकेंगे। सरकारी एवं निजी दोनों अस्पतालों में सुविधा मिलने से कवरेज का दायरा व्यापक है।
संस्थागत लाभ: इस योजना से शिक्षा विभाग में कामगारों का मनोबल बढ़ेगा। सम्मान की भावना के साथ काम करने से वे और निष्ठापूर्वक बच्चों को पढ़ाई में योगदान देंगे। साथ ही, राज्य का शिक्षा-स्वास्थ्य सेक्टर दोनों सुदृढ़ होगा।
सामाजिक सुरक्षा के अन्य पहल: योजना के शुभारंभ के साथ ही सरकार ने Teachers के लिए समूह जीवन बीमा, दुर्घटना बीमा की घोषणाएँ भी की हैं। राज्य बैंक के साथ समझौते में 10 लाख शिक्षकों को जीवन, दुर्घटना और दिव्यांगता बीमा प्रदान किया जाएगा। इससे शिक्षकों के पास स्वास्थ्य सुरक्षा के साथ-साथ दुर्घटना एवं अप्रत्याशित घटनाओं में सुरक्षा का कवच भी होगा।
पात्र लाभार्थी: योजना में बेसिक शिक्षा परिषद (उन्नीस शिक्षा) और उच्च शिक्षा विभाग के नियमित/अनुदानित/स्ववित्त शिक्षकों, शिक्षामित्रों, विशेष शिक्षकों (CWSN), अनुदेशकों, कस्तूरबा विद्यालय के पूर्णकालिक एवं अंशकालिक अध्यापकों, वार्डन, प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों सहित इन सभी के आश्रित परिवार के सदस्य शामिल हैं। (उपरोक्त सूची से स्पष्ट है कि श्रेणीगत रूप से लगभग 12–15 लाख कर्मी-कर्मचारियों को कवर किया गया है।) प्रत्येक पात्र शिक्षक/कर्मचारी के साथ उसके आश्रित परिवार को भी उपचार सुविधा मिलेगी।
अपात्रता की शर्तें: यदि कोई व्यक्ति पहले से आयुष्मान भारत (AB-PMJAY), मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान, या किसी अन्य केंद्र/राज्य शासन की स्वास्थ्य योजना का लाभ उठा रहा है, तो वह इस योजना का लाभ नहीं ले सकेगा। इसका उद्देश्य दोहरी लाभ न मिलना सुनिश्चित करना है।
आश्रित कवरेज: आश्रित परिवार में पति/पत्नी, बच्चे (नियमों में परिभाषित सीमा तक), निर्भर माता-पिता आदि शामिल हो सकते हैं। सम्पूर्ण आश्रितों के विवरण का नामांकन नोडल अधिकारी द्वारा SACHIS को प्रतिवर्ष दिया जाएगा।
प्रमाण-पत्र एवं दस्तावेज़: योजना में आवेदन हेतु पात्र शिक्षक को कर्मचारी पहचान-पत्र, आधार कार्ड, आधार से लिंक मोबाइल नंबर, पासपोर्ट साइज़ फोटो, और आश्रितों के विवरण जैसे दस्तावेज़ जमा करने होंगे। यदि लाभार्थी विकलांग है तो विकलांगता प्रमाण-पत्र आवश्यक है। (नीचे दस्तावेज़ चेकलिस्ट देखें।)
सावधानियाँ
धोखाधड़ी के जोखिम: कैशलेस योजनाओं में कभी-कभी कार्ड या पात्रता की गलत जानकारी से धोखाधड़ी हो सकती है। शिक्षकों को अपना स्वास्थ्य कार्ड सुरक्षित रखना चाहिए और किसी अनधिकृत व्यक्ति को कार्ड अथवा OTP न देने की सावधानी बरतनी चाहिए।
दावा अस्वीकृति: इलाज के बाद अस्पताल द्वारा बिल भेजे जाने पर यदि फॉर्म/दस्तावेज़ सही नहीं मिले, तो दावा अस्वीकृत हो सकता है। इसलिए अस्पताल के एम्पैनलमेंट की जांच करें और इलाज से पहले पात्रता व दस्तावेज़ों की पुष्टि कर लें।
नेटवर्क अस्पताल: योजना केवल SACHIS के एम्पैनल्ड सरकारी और निजी अस्पतालों में ही मान्य है। सुनिश्चित करें कि आप जिस अस्पताल में भर्ती हो रहे हैं, वह सूचीबद्ध है। (एंपैनल्ड सूची SACHIS की वेबसाइट या हेल्पलाइन पर मिल सकती है।)
नवीनीकरण/पोर्टेबिलिटी: यह योजना अवधि के आधार पर चलती है, जिसके लिए पात्रता बनाए रखने हेतु SACHIS के रिकॉर्ड में नाम दर्ज रहना अनिवार्य है। अगर कोई शिक्षक विभाग छोड़कर अन्य राज्य चला जाता है या शिक्षा विभाग से अलग होता है, तो कवरेज रद्द हो सकता है। वर्तमान में योजना की लाभ-परतिबद्धता सिर्फ उत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग तक सीमित है; किसी अन्य राज्य में स्थानांतरण के बाद प्रदेश की योजनाएं लागू नहीं होंगी।
Mukhyamantri Shikshak Cashless Card कैसे प्राप्त करें
इस योजना में शामिल होने के लिए पात्र शिक्षक एवं कर्मी को ऑनलाइन पंजीकरण करना होगा। मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
आधिकारिक पोर्टल cmtcts.upsdc.gov.in पर जाएं (मुख्य पृष्ठ पर “शिक्षक कैशलेस चिकित्सा कार्ड योजना आवेदन” विकल्प)।
अपना आधार-लिंक्ड मोबाइल नंबर दर्ज कर स्क्रीन पर कैप्चा और OTP की सहायता से लॉगिन करें।
खुलने वाले आवेदन पत्र में अपने कार्यालय से संबंधित विवरण, व्यक्तिगत जानकारी तथा आधार कार्ड से जुड़ी जानकारी भरें।
आश्रित परिवार के सदस्यों को जोड़ने के लिए “हाँ” चुनें और उनके विवरण भरें।
सभी जानकारियाँ भरने के बाद “सेव एवं नेक्स्ट” पर क्लिक करके फॉर्म की जाँच करें।
त्रुटि न हो तो फॉर्म अंतिम रूप से जमा करें।
संबंधित विभाग (स्कूल शिक्षा) द्वारा दस्तावेज़ सत्यापन के बाद आपका कैशलेस हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा, जिसे आप पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे।
कार्ड जारी होने के बाद किसी भी समय एम्पैनल्ड अस्पताल में कार्ड दिखाकर इलाज कराएं। अस्पताल बिल SACHIS को सबमिट करेगा, और स्वीकृत खर्च सरकार द्वारा वहन किया जाएगा।
नोडल अधिकारी एवं हेल्पलाइन: योजना का संचालन SACHIS द्वारा होने से लाभार्थी किसी भी समस्याएं – जैसे लॉगिन, दस्तावेज़ या बिल से संबंधित – के लिए SACHIS की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-1800-4444 (आरोग्य मेला/आयुष्मान हेल्पलाइन) पर संपर्क कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त शिक्षा विभाग के जिला/जिला परियोजना कार्यालय में भी सहायता मिल सकती है।
दस्तावेज़ चेकलिस्ट: योजना में आवेदन के लिए निम्नलिखित दस्तावेज़ सामान्यतः आवश्यक हैं (देखें G.O. और पोर्टल दिशा-निर्देश):
दस्तावेज़
विवरण
आधार कार्ड
लाभार्थी का आधार कार्ड (नवीनतम)
पहचान पत्र / सेवा प्रमाण
शिक्षक पहचान-पत्र या सेवा संबंधी दस्तावेज़
आधार-लिंक्ड मोबाइल
योजना पोर्टल लॉगिन हेतु मोबाइल नंबर
पासपोर्ट साइज फोटो
लाभार्थी एवं आश्रित परिवार की तस्वीरें
विकलांगता प्रमाण-पत्र
यदि लाभार्थी या आश्रित दिव्यांग है तो अनिवार्य
आश्रित विवरण
आश्रितों के नाम, आयु और संबंध का ब्यौरा
अन्य दस्तावेज़
विभाग या SACHIS द्वारा मांगे गए अतिरिक्त कागजात
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
1. यह योजना कब लागू हुई? उत्तर प्रदेश सरकार ने इसे 8 जुलाई 2026 को वाराणसी से लागू किया। आप अब पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं।
2. योजना के लाभार्थी कौन हैं? बेसिक शिक्षा परिषद और उच्च शिक्षा विभाग के शिक्षक, शिक्षामित्र, विशेष शिक्षक (सीडब्ल्यूएसएन), अनुदेशक, कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षक/वार्डन, पीएम पोषण योजना के रसोइया और इनके आश्रित परिवार पात्र हैं।
3. और कौन से दस्तावेज चाहिए? आधार कार्ड, कर्मचारी पहचान-पत्र, आधार-लिंक्ड मोबाइल, पासपोर्ट साइज फोटो, विकलांगता प्रमाण-पत्र (यदि लागू हो) एवं आश्रितों के विवरण की आवश्यकता होती है। विभाग द्वारा अतिरिक्त दस्तावेज मांगे जा सकते हैं।
4. कितनी चिकित्सा सुविधाएँ मिलेंगी? प्रति परिवार वार्षिक ₹5 लाख तक की कैशलेस चिकित्सा सुविधा मिलेगी। सरकारी अस्पतालों में खर्च की कोई ऊपरी सीमा नहीं है, जबकि निजी अस्पताल में निर्धारित पैकेज दरों तक कवरेज है।
5. यदि कोई शिक्षक पहले से आयुष्मान लाभार्थी है तो? ऐसे लाभार्थी इस योजना के पात्र नहीं होंगे। दूसरे शब्दों में, एक ही व्यक्ति को एक से अधिक सरकारी स्वास्थ्य योजना के लाभ नहीं मिलेंगे।
6. कैसे पोर्टल पर लॉगिन करें? a.cmtcts.upsdc.gov.in पर जाएँ। b. अपने आधार से जुड़ा मोबाइल नंबर डालें और स्क्रीन पर कैप्चा दर्ज करें। c. ‘Proceed’ पर क्लिक करके OTP सत्यापित करें। सफल लॉगिन पर फॉर्म भरें।
7. हेल्थ कार्ड कितना समय में मिलेगा? आवेदन जमा होने के बाद विभागीय सत्यापन के उपरांत कार्ड जारी होगा। दिशा-निर्देशों के अनुसार पात्र शिक्षकों को 6 सितम्बर 2026 तक कार्ड के लिए पंजीकरण पूरा करना होगा। सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने पर पोर्टल से हेल्थ कार्ड डाउनलोड कर लें।
8. इसे ऑफ़लाइन कैसे प्राप्त करें? इस योजना में मुख्यतः ऑनलाइन पंजीकरण है। फिलहाल ऑफ़लाइन आवेदन की सुविधा नहीं बताई गई है। इसके लिए जिले के शिक्षा अधिकारियों अथवा SACHIS हेल्पलाइन (1800-1800-4444) से संपर्क कर सकते हैं।
9. मृत्यु या दुर्घटना पर क्या लाभ है? योजना के साथ SBI के माध्यम से समूह जीवन एवं दुर्घटना बीमा की व्यवस्था भी है। 10 लाख से 80 लाख तक का बीमा कवर (नियमों के अनुसार) दिया जाएगा। यह मुख्य रूप से नियमित/संविदा शिक्षकों के परिवार के लिए है।
10. योजना कब तक वैध रहेगी? योजना की वर्तमान रूपरेखा के अनुसार यह बारह माह के लिए है, जिसे सरकार नवीनीकृत करती रहेगी। हर वर्ष जून तक विभाग लाभार्थियों के डेटा SACHIS को भेजकर कवरेज सुनिश्चित करेगा। भविष्य में नवीनीकरण या संशोधन की जानकारी आधिकारिक अधिसूचनाओं से मिलती रहेगी।
योजना की तुलना
नीचे दी गई तालिका में इस योजना की कुछ मुख्य विशेषताओं की तुलना अन्य प्रमुख सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के साथ की गई है:
योजना का नाम
लाभार्थी
कवर राशि
आरंभ वर्ष
निधि स्रोत
मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा योजना (यूपी)
यूपी के शिक्षा विभाग के शिक्षक एवं कार्मिक, आश्रित
₹5 लाख प्रति परिवार/वर्ष (प्राइवेट), सरकारी अस्पताल में अनलिमिटेड पैकेज
2026
यूपी सरकार (100%)
पं. दीनदयाल उपाध्याय राज्.कर्मचारी कैश. चिकित्सा योजना (यूपी)
यूपी के सभी सरकारी कर्मचारी, पेंशनर्स, आश्रित
प्राइवेट अस्पताल में ₹5 लाख/वर्ष, सरकारी अस्पताल में अनलिमिटेड
2022
यूपी सरकार (100%)
आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (केन्द्रीय)
BPL/PMJAY सूची के परिवार
₹5 लाख प्रति परिवार/वर्ष
2018
केंद्र+राज्य (पी0)
मुख्यमंत्री जन आरोग्य अभियान (यूपी) (मुकामयोजना)
मृत्यु दर/बिस्थापन आधार पर अत्यंत गरीब परिवार
₹2-5 लाख (परिवार)
2020
यूपी सरकार
इन तुलना से स्पष्ट है कि शिक्षक योजना विशिष्ट समूह (शिक्षक) को लक्षित करते हुए व्यापक कवरेज देती है, जबकि अन्य योजनाएँ आम जनता या सरकारी कर्मचारियों को कवर करती हैं। सभी योजनाओं में कैशलेस सुविधाएं हैं, परन्तु पात्र लाभार्थी, वार्षिक कवरेज राशि और प्राथमिकता समूह अलग-अलग हैं।
महत्वपूर्ण: पात्रता, दस्तावेज़ इत्यादि के बारे में जिला शिक्षा कार्यालय या SACHIS कार्यालय से भी सलाह लें। योजन संबंधी गाइडलाइन्स तथा प्रपत्र SACHIS की वेबसाइट या शिक्षा विभाग के आधिकारिक पोर्टल पर उपलब्ध हैं।
स्रोत: उत्तर प्रदेश सरकार के आधिकारिक अधिसूचनाएँ एवं घोषणाएँ, राज्य समाचार एवं विश्वसनीय समाचारपत्र