हरियाणा के एक छोटे से कस्बे मंडी दाबली से निकलकर भारत के सबसे चहेते कॉमेडियन बनने तक — सुनील ग्रोवर की कहानी (Sunil Grover Story) संघर्ष, हार और जबरदस्त वापसी की एक प्रेरणादायक दास्तान है।
शुरुआती जीवन और संघर्ष
3 अगस्त 1977 को हरियाणा के सिरसा जिले में जन्मे सुनील ग्रोवर ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ से थिएटर में मास्टर्स डिग्री हासिल की। पढ़ाई के दौरान ही उनकी मुलाकात मशहूर व्यंग्यकार जसपाल भट्टी से हुई, जिन्होंने उनकी प्रतिभा को पहचाना और 1999 में अपने शो फुल टेंशन में पहला मौका दिया। इसी दौर में उन्होंने 1998 की फिल्म प्यार तो होना ही था (अजय देवगन-काजोल) में एक नाई का छोटा किरदार भी निभाया।
90 के दशक के अंत में मुंबई आए सुनील के लिए शुरुआती दिन बेहद कठिन थे। एक समय ऐसा भी था जब वे महीने में मात्र ₹500 कमाते थे। थिएटर वर्कशॉप, वॉयसओवर और रेडियो मिर्ची पर विश सुदर्शन जैसे किरदारों से किसी तरह गुजारा होता था।
पहचान और शोहरत
2013 में कॉमेडी नाइट्स विद कपिल में गुत्थी के किरदार ने उन्हें रातोंरात घर-घर में मशहूर कर दिया। इसके बाद 2016 में द कपिल शर्मा शो में डॉ. मशहूर गुलाटी और रिंकू भाभी जैसे यादगार किरदारों ने उन्हें कॉमेडी की दुनिया का बेताज बादशाह बना दिया।
विवाद, बीमारी और वापसी
मार्च 2017 में ऑस्ट्रेलिया दौरे से लौटते वक्त फ्लाइट में कपिल शर्मा से हुए विवाद के बाद सुनील ने शो छोड़ दिया। इस घटना पर सुनील ने कहा — “यह होना नहीं चाहिए था, हम एक अच्छी टीम थे।”
मुश्किलें यहीं नहीं रुकीं। फरवरी 2022 में उन्हें हार्ट अटैक आया और चार बाईपास सर्जरी करानी पड़ी। लेकिन सुनील ने एक बार फिर हार नहीं मानी।
2024 में सात साल के लंबे अंतराल के बाद सुनील और कपिल ने अपने मतभेद भुलाकर Netflix के द ग्रेट इंडियन कपिल शो में साथ वापसी की। इस शो में उनके डायमंड राजा किरदार ने दर्शकों को एक बार फिर दीवाना बना दिया।
व्यक्तिगत जीवन
सुनील की पत्नी आरती ग्रोवर एक सफल इंटीरियर डिजाइनर हैं, जिनसे उनकी मुलाकात चंडीगढ़ में पढ़ाई के दौरान हुई थी। दोनों का एक बेटा है — मोहन ग्रोवर (जन्म 2010)। उनके भाई अनिल ग्रोवर भी अभिनेता हैं, जिन्हें दर्शकों ने शाहरुख खान की फिल्म डंकी में देखा।
आज का मुकाम
आज सुनील ग्रोवर की अनुमानित नेटवर्थ ₹21 से ₹25 करोड़ है और वे प्रति एपिसोड ₹25 लाख चार्ज करते हैं। फिल्में, OTT शोज़, लाइव परफॉर्मेंस और ब्रांड एंडोर्समेंट — हर मोर्चे पर वे सक्रिय हैं।
हरियाणा के इस लड़के की कहानी यही सिखाती है — जिंदगी में क्रिकेट की लेदर बॉल नहीं, टेनिस की बॉल बनो। जितना जोर से टप्पा खाओ, उतनी ही तेजी से वापस उछलो।
